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Counterclaims in Indian Arbitration: Limits & Fairness

Introduction In India, arbitration has truly become a fairly developed dispute resolution instrument, steered by party autonomy and flexibility of procedural regulations. The very flexibility...
HomeVivek Dhruv vs State Of Chhattisgarh on 11 March, 2026

Vivek Dhruv vs State Of Chhattisgarh on 11 March, 2026

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-374 (2) के तहत प्रस्तुत इस दाण्डिक अपील

में, विचारण न्यायालय-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, मुंगेली, जिला-मुंगेली, छत्तीसगढ़

द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक-31/2023 “छत्तीसगढ़ राज्य विरूद्घ असलम उर्फ अंकु श

मडामे वगैरह” में पारित निर्णय दिनांक-06/02/2024 को चुनौती दी गई है । जिसके

तहत अपीलार्थीगण को निम्नानुसार दोषसिद्ध कर दण्डित किया गया है । जिसे आगे संक्षेप

में “प्रश्नाधीन निर्णय” से संबोधित किया जा रहा हैः-

अपीलार्थी का नाम दोषसिद्धि दण्डादेश

सौरभ उर्फ सोमू ध्रुव 01 माह का कारावास एवं
100/-रूपये का अर्थदण्ड
प्रियांशु साहू उर्फ स्वयं राजा साहू धारा-341/149 तथा अर्थदण्ड राशि अदा न
भारतीय दण्ड संहिता, करने की दशा में 07 दिन
कान्हा उर्फ वेदप्रकाश नागरची
1860 का अतिरिक्त कारावास की
सजा से दण्डित किया
संदीप उर्फ प्रशांत वैष्णव
गया ।

विवेक ध्रुव धारा-397/394 07 वर्ष का सश्रम

भारतीय दण्ड संहिता, कारावास की सजा से
असलम उर्फ अंकु श मडामे
दण्डित किया गया ।

धारा-307/149 07 वर्ष का सश्रम

भारतीय दण्ड संहिता, कारावास एवं 500/-
रूपये का अर्थदण्ड तथा

अर्थदण्ड राशि अदा न
करने की दशा में 01 माह
का अतिरिक्त सश्रम
कारावास की सजा से
दण्डित किया गया ।



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