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HomeLabour & Serviceनई पीएफ और पेंशन नियम 2025: EPFO में क्या बदला?

नई पीएफ और पेंशन नियम 2025: EPFO में क्या बदला?



नमस्ते! आज हम 2025 के नए EPFO नियमों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। ये बदलाव कर्मचारियों को तुरंत राहत देने के साथ-साथ रिटायरमेंट सेविंग्स को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाए गए हैं। लेकिन इनमें कुछ विवाद भी हैं, जैसे लंबा वेटिंग पीरियड। आइए, स्टेप बाय स्टेप समझते हैं कि EPFO के नियमों में क्या बदला है और 75% विदड्रॉल कौन ले सकता है। ये जानकारी हालिया EPFO सर्कुलर और न्यूज रिपोर्ट्स पर आधारित है।

1. EPFO नियमों में मुख्य बदलाव क्या हैं?

EPFO ने अक्टूबर 2025 में अपनी 238वीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) मीटिंग में बड़े सुधार किए। ये EPFO 3.0 के तहत हैं, जो डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाने पर फोकस करते हैं। प्रमुख बदलाव:

  • PF विदड्रॉल के लिए वेटिंग पीरियड बढ़ा: पहले बेरोजगारी के 2 महीने बाद फुल PF विदड्रॉल हो जाता था। अब 12 महीने (1 साल) का इंतजार करना पड़ेगा फुल अमाउंट के लिए। लेकिन तुरंत राहत के लिए 75% PF बैलेंस एक्सेसिबल है। इससे सेविंग्स को प्रोटेक्ट करने का मकसद है, क्योंकि डेटा दिखाता है कि 75% मेंबर्स के पास सेटलमेंट टाइम पर सिर्फ ₹50,000 से कम हैं।
  • पेंशन (EPS) विदड्रॉल के लिए 36 महीने का वेटिंग: पहले 2 महीने था, अब 3 साल। ये रिटायरमेंट इनकम को सिक्योर करने के लिए है। अगर आपकी सर्विस 10 साल पूरी हो चुकी है, तो 58 साल की उम्र में पेंशन मिलेगी, भले ही आप बेरोजगार हों।
  • मिनिमम बैलेंस रूल: हमेशा PF अकाउंट में कम से कम 25% बैलेंस रखना जरूरी। इससे कंपाउंडिंग इंटरेस्ट (8.25% सालाना) जारी रहता है। यानी, मैक्सिमम 75% ही विदड्रॉ कर सकते हैं किसी भी टाइम।
  • विदड्रॉल कैटेगरी सिंपल: 13 पुरानी कैटेगरी को 3 में मर्ज कर दिया – इमरजेंसी, हाउसिंग/एजुकेशन, और मेडिकल। अब डॉक्यूमेंट्स कम, प्रोसेसिंग पेपरलेस और इंस्टेंट। एम्प्लॉयर अप्रूवल की जरूरत नहीं; UAN और आधार लिंक से ऑटोमैटिक।
  • अन्य सुधार: PF ट्रांसफर जॉब चेंज पर ऑटोमैटिक। 100% एलिजिबल बैलेंस (एम्प्लॉयी + एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन) विदड्रॉ कर सकते हैं। स्पेशल सर्कमस्टांस में साल में 2 बार फुल विदड्रॉ की छूट।

ये बदलाव लंबे समय की फाइनेंशियल सिक्योरिटी पर फोकस करते हैं, लेकिन क्रिटिक्स कहते हैं कि 12-36 महीने का वेटिंग बेरोजगारों के लिए क्रूर है।

2. कौन ले सकता है 75% विदड्रॉल?

75% PF विदड्रॉल का नया फीचर जॉब लॉस पर तुरंत राहत के लिए है। ये सभी एलिजिबल EPFO मेंबर्स के लिए उपलब्ध है। डिटेल्स:

  • एलिजिबिलिटी:
    • कोई भी सैलरीड एम्प्लॉयी जिसका PF अकाउंट EPFO से जुड़ा हो।
    • जॉब वॉलंटरी या इनवॉलंटरी छोड़ने पर (रिटायरमेंट, रिट्रेंचमेंट, रिजाइनेशन सब कवर)।
    • कोई मिनिमम सर्विस पीरियड नहीं – नए जॉइनर्स भी ले सकते हैं।
    • UAN एक्टिव और KYC (आधार, PAN) अपडेट होनी चाहिए।
  • कैसे लें?
    • UMANG ऐप, EPFO पोर्टल या ई-पासबुक से क्लेम फाइल करें।
    • जॉब छोड़ने के तुरंत बाद अप्लाई करें – प्रोसेसिंग 3-5 दिनों में।
    • बैलेंस का 75% (एम्प्लॉयी + एम्प्लॉयर शेयर + इंटरेस्ट) बैंक अकाउंट में क्रेडिट।
    • बाकी 25% 12 महीने बाद, अगर अभी भी बेरोजगार।
  • उदाहरण: अगर आपका PF बैलेंस ₹8 लाख है, तो तुरंत ₹6 लाख विदड्रॉ कर सकते हैं। बाकी ₹2 लाख लॉक रहेगा, जो इंटरेस्ट कमाता रहेगा।

नोट: ये विदड्रॉल टैक्सेबल हो सकता है अगर सर्विस 5 साल से कम हो। पेंशन हिस्सा सुरक्षित रहता है।

क्या ये नियम आपके लिए फायदेमंद हैं?

  • फायदे: तुरंत कैश फ्लो, कम पेपरवर्क, डिजिटल ईज। लॉन्ग-टर्म सेविंग्स प्रोटेक्टेड।
  • नुकसान: लंबा वेटिंग – अगर इमरजेंसी हो तो प्रॉब्लम। यूनियंस और ओपोजिशन (जैसे TMC MP) इसे “क्रूर” बता रहे हैं।
  • गवर्नमेंट का पक्ष: ये प्रोटेक्टिव है, क्योंकि अर्ली विदड्रॉ से पेंशन कमजोर हो जाती है। 50% मेंबर्स के पास सिर्फ ₹20,000 बचते हैं।

अधिक डिटेल्स के लिए EPFO वेबसाइट चेक करें या फाइनेंशियल एडवाइजर से बात करें। अगर आपके पास स्पेसिफिक क्वेश्चन है, तो बताएं! (डिस्क्लेमर: ये जनरल इंफो है, ऑफिशियल नोटिफिकेशन कन्फर्म करें।)



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